हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने मंगलवार को चुनावों का पूरा कार्यक्रम जारी किया। राज्य की 3754 ग्राम पंचायतों में कुल 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। ये चुनाव तीन चरणों में आयोजित होंगे, जिनकी तारीखें 26 मई, 28 मई और 30 मई निर्धारित की गई हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
इस बार पंचायती राज चुनाव में कुल 50,79,048 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदाता शामिल हैं, जो अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। चुनाव के तहत 21,654 पंचायत वार्ड सदस्य, 1,769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। इसके अलावा, कुल पदों में से 15,656 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण शासन में महिला भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार नामांकन 7, 8 और 11 मई को दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 12 मई को होगी, जबकि उम्मीदवार 14 और 15 मई को अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान तीन चरणों में संपन्न होगा और प्रत्येक चरण में संबंधित क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर वोटिंग कराई जाएगी।
मतगणना को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के वोटों की गिनती मतदान समाप्त होते ही उसी दिन संबंधित पंचायत मुख्यालय में की जाएगी। वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के मतों की गणना 31 मई को की जाएगी, जिसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कुल्लू जिले की चार पंचायतों में इस बार चुनाव नहीं होंगे, जबकि बाकी सभी पंचायतों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराए जाएं।

