ईरान के दिवंगत पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। रविवार को तेहरान स्थित इमाम ख़ुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उनके तीन अन्य बेटे—मसूद, मुस्तफ़ा और मैसम—मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख अहमद वाहिदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
मोजतबा ख़ामेनेई के समारोह में शामिल न होने को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हालिया अमेरिका-इसराइल हमलों के दौरान उन्हें चोट लगी थी, जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि संभावित सुरक्षा जोखिमों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाया गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान में शुक्रवार से अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में तेहरान, क़ोम, मशहद तथा इराक़ के कुछ धार्मिक स्थलों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इन कार्यक्रमों में करोड़ों लोग शामिल हो सकते हैं।
रविवार को तेहरान में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की। तेज़ गर्मी के कारण लोगों पर पानी का छिड़काव किया गया, जबकि कई श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार भी दिया गया।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी चर्चा में बना हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अंतिम संस्कार के कारण शांति वार्ता कुछ समय के लिए टाल दी गई है। वहीं, समारोह के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका और इसराइल के विरोध में नारे लगाए और बदला लेने की मांग वाले पोस्टर भी दिखाई दिए।
अली ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान में अंतिम दर्शन के बाद क़ोम, इराक़ और अंत में उनके जन्मस्थान मशहद ले जाकर दफ़नाया जाएगा। उनके साथ तेहरान हमलों में मारे गए परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूत भी रखे गए हैं। कि अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल में अली ख़ामेनेई ने पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका और इसराइल के प्रति कड़ा रुख अपनाया था और क्षेत्र के कई ईरान समर्थक समूहों का समर्थन किया था।


