प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14वें दलाई लामा के 91वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे, स्वस्थ जीवन की कामना की। पीएम मोदी ने कहा कि दलाई लामा का शांति, सद्भाव और करुणा का संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके मानवता के प्रति योगदान और नैतिक-आध्यात्मिक नेतृत्व की भी सराहना की।
दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के ताकस्टर गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ल्हामो थोंडुप था। बाद में उन्हें 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म माना गया और उन्हें तेनज़िन ग्यात्सो नाम दिया गया। 1959 के तिब्बती विद्रोह के बाद वे भारत आ गए और तब से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहकर शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश दे रहे हैं।
उनके जन्मदिन के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित मठों और दुनिया भर में तिब्बती समुदाय ने विशेष प्रार्थनाएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई।
हालांकि इस बार दलाई लामा सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि हाल ही में उनके घुटने की सर्जरी हुई थी और वे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। उनके कार्यालय के अनुसार, वे जल्द ही लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं।
हर साल यह दिन तिब्बती समुदाय के लिए केवल धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, पहचान और आध्यात्मिक विरासत को याद करने का भी एक महत्वपूर्ण मौका होता है।


