कांगड़ा घाटी रेल सेवा बहाल, बस के मुकाबले सस्ता हुआ सफर

shikha verma
2 Min Read

यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी नैरोगेज रेल सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है। यह सेवा करीब चार वर्षों से बंद थी और 2 जून 2026 से पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया गया है।

नॉर्दर्न रेलवे ने पठानकोट और बैजनाथ पपरोला के बीच दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, जिससे हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर कनेक्टिविटी दोबारा स्थापित हो गई है।

चार साल बाद बहाल हुई रेल सेवा

यह रेल सेवा उस समय बंद हो गई थी जब चक्की दरिया पर बना पुल बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे पंजाब और हिमाचल के बीच रेल संपर्क टूट गया था। लंबे समय बाद सेवा बहाल होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों में खुशी का माहौल है।

नई समय-सारिणी जारी

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पठानकोट से दो ट्रेनें सुबह 5:00 बजे और 7:00 बजे रवाना होंगी और बैजनाथ-पापरोला पहुंचेंगी। वापसी में ट्रेनें दोपहर 2:15 बजे और 3:40 बजे बैजनाथ से पठानकोट के लिए प्रस्थान करेंगी।

कई रूटों पर कनेक्टिविटी

नई व्यवस्था के तहत नूरपुर, ज्वालामुखी रोड और जोगिंदरनगर जैसे प्रमुख स्थानों के बीच भी रेल सेवा उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्थानीय यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

बस के मुकाबले सस्ता और सुविधाजनक सफर

रेल सेवा के पुनः शुरू होने से यात्रियों को आर्थिक राहत भी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर नूरपुर का बस किराया जहां लगभग ₹50 है, वहीं ट्रेन का किराया केवल ₹10 रखा गया है। इसी तरह कांगड़ा, पालमपुर और जोगिंदरनगर जैसे रूटों पर भी रेल यात्रा काफी सस्ती है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस रेल मार्ग को हिमाचल की वादियों का खूबसूरत दृश्य दिखाने वाला मार्ग भी माना जाता है। सेवा शुरू होने से पर्यटकों को प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने का एक बार फिर अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Share This Article
Leave a Comment