भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले रणनीतिक कदम उठाते हुए बड़ा राजनीतिक बदलाव किया है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की जगह तरुण चुग को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले को पंजाब की सियासत को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
तरुण चुग पंजाब के अमृतसर के निवासी हैं और राज्य में भाजपा के प्रमुख हिंदू चेहरों में गिने जाते हैं। उनका परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा रहा है। उन्होंने 1989 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से छात्र राजनीति की शुरुआत की और बाद में भाजपा संगठन में बूथ स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक जिम्मेदारियां संभालीं।
वर्तमान में तरुण चुग भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। इसके साथ ही वे एससी मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी और जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना तथा लद्दाख जैसे क्षेत्रों के संगठन प्रभारी भी हैं। उन्हें पार्टी के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा राज्यसभा टिकट नहीं दिया गया है। लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद उन्हें पहले केंद्रीय मंत्री बनाया गया था, लेकिन अब पार्टी ने संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तरुण चुग को राज्यसभा भेजकर भाजपा पंजाब में अपने कैडर को मजबूत करने और संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने का संदेश दे रही है। आने वाले समय में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी ने हाल ही में पंजाब इकाई में भी बदलाव किए हैं और पूर्व कांग्रेस नेता केवल सिंह ढिल्लों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि तरुण चुग राज्यसभा में पंजाब से जुड़े मुद्दों जैसे सीमा सुरक्षा, विकास, उद्योग और युवाओं की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे।
राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा की एक रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की राजनीति पर पड़ सकता है।


