उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक माहौल में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। बेहतर कानून-व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी के साथ उद्योगों को मिल रही सरकारी सुविधाओं ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है।
मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शुरू हुए दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में बदले कारोबारी माहौल की सराहना की। उद्यमियों ने कहा कि सरकार की नीतियों और अधिकारियों के सहयोग से नए उद्योग लगाने के साथ मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए भी अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।
योजनाओं की जानकारी से निवेश तक मिल रहा सहयोग
बरेली के राम कुमार एग्रो के राहुल अग्रवाल ने कहा कि उद्योगपतियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ अधिकारियों की ओर से लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं और कारोबारियों में निवेश को लेकर भरोसा बढ़ा है।
राहुल अग्रवाल के मुताबिक, उनकी फैक्ट्री में करीब 500 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बिजली आपूर्ति में सुधार, बेहतर सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सब्सिडी और सरकारी सहायता से उद्योगों को विस्तार
गाजियाबाद स्थित एफको एक्सपोर्ट्स की आरुषि सिंघल ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकारी योजनाओं और सहायता से उद्योगों को विस्तार करने का प्रोत्साहन मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि उनकी इंडस्ट्री में करीब 800 लोग कार्यरत हैं और आने वाले समय में रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना है। आरुषि सिंघल ने टीयूएफ योजना के तहत करीब 25 प्रतिशत सरकारी सहायता मिलने के साथ एक्सपोर्ट लाइसेंस और अन्य सब्सिडी का भी उल्लेख किया।
टेक्सटाइल नीति से निवेश को मिला मजबूत आधार
टांडा स्थित पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड के अम्बिका प्रसाद पांडे ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए लागू सरकारी नीतियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कंपनी को 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और 60 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया है और इससे कई हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। प्रशिक्षण योजनाओं के जरिए उद्योगों को कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम हो रहा है, जिससे कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिल रहा है।
कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी निवेश की बड़ी ताकत
रामपुर स्थित जीएसएल स्पिनर्स के के.के. जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक माहौल में स्पष्ट बदलाव आया है। बेहतर कानून-व्यवस्था, लगातार बिजली आपूर्ति, सिंगल पोर्टल के जरिए मंजूरी की व्यवस्था और मजबूत परिवहन नेटवर्क ने उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है।
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है और लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उनके मुताबिक, किसी भी निवेशक के लिए कानून-व्यवस्था सबसे अहम पहलुओं में से एक है और इस क्षेत्र में प्रदेश में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
निवेश के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
उद्यमियों के अनुभवों से यह संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक नीतियों का असर केवल नए निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। सरकारी सहायता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून-व्यवस्था में सुधार से मौजूदा उद्योगों के विस्तार को भी गति मिल रही है।
टेक्सटाइल सेक्टर में बढ़ते निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उद्योगपतियों का मानना है कि सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।


