मरीजों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मैंनें यहां जहरीली शराब के सेवन से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। इस मामले को लेकर मैंने यह…
मरीजों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मैंनें यहां जहरीली शराब के सेवन से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। इस मामले को लेकर मैंने यहां प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। कांग्रेस के शासनकाल में इस प्रकार के मामलों को लेकर कठोर कानून नहीं थे। लेकिन, हमारी सरकार ने इस मामले पर कानून बनाया। इसमें 49-क और 304 धारा को जोड़ते हुए हत्या से लेकर, आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह कठोर से कठोर कार्रवाई करे। अभी भी जहां-जहां भी कहीं और भी आवश्यकता लगती हो तो कठोर कार्रवाई करे। अवैध अतिक्रमण जैसे मामलों में भी एक्शन ले। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा है कि वह सीमा से लगे हुए राज्यों के अधिकारियों से भी संपर्क करें। हम दोषियों पर ऐसी कार्रवाई करेंगे कि दोबारा किसी की इस तरह के काम करने की हिम्मत नहीं होगी। हमने पूरे राज्य में निर्देश दिए हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम शराब बंदी के लिए धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं। किसी के घर के पिता-पुत्र की मौत होना बहुत कष्टकारी है। मैं इस मामले में कांग्रेस के नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि इस तरह के मामले में राजनीति न करके एकजुटता दिखाएं। मैं नेता प्रतिपक्ष से अपील करता हूं कि हम सभी मिलकर इस चुनौती का सामना करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त के रूप में कमान संभाल ली है। वहीं, इरशाद वली को सागर संभाग की पुलिस की जिम्मेदारी सौंपते हुए आईजी बनाया गया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से सरकार की सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और जवाबदेही तय करने की नीति स्पष्ट होती है। गौरतलब है कि डॉ. यादव का कहना है कि गंभीर मामलों में लापरवाही अथवा अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
स्रोत: readnownews.in


