उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार की पहल जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रदेश के अशासकीय अनुदानित सह-शिक्षा महाविद्यालयों एवं महिला महाविद्यालयों में सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,936 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है।
ओटीआर के जरिए करना होगा आवेदन
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की गई है। सहायक आचार्य पद के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को ओटीआर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित शैक्षिक योग्यता और अन्य पात्रता मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही आवेदन के लिए पात्र होंगे।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि आवेदन करने से पहले आयोग की ओर से जारी विस्तृत विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर लें। पदों की अर्हता एवं पात्रता से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी विज्ञापन में उपलब्ध कराई गई है।
7 अक्टूबर तक जमा कर सकेंगे आवेदन शुल्क
आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की सुविधा 11 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
सहायक आचार्य के पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 19 एवं 20 नवंबर 2026 को किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम, परीक्षा केंद्रों की जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी किए जाएंगे।
आवेदन से पहले विज्ञापन पढ़ने की अपील
आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले विज्ञापन में दी गई शैक्षिक योग्यता, विषयवार रिक्तियों, आयु सीमा, आरक्षण व्यवस्था, आवेदन प्रक्रिया और अन्य निर्धारित शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
उच्च शिक्षा क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ
योगी सरकार की रोजगारपरक नीतियों के तहत प्रदेश में विभिन्न विभागों और संस्थानों में भर्ती प्रक्रियाओं को गति दी जा रही है। सहायक आचार्य के 1,936 पदों पर भर्ती से जहां योग्य युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने से उच्च शिक्षा की व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


