उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल और हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक पर जोर दे रही है। वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों से प्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल सेक्टर में 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। वर्ष 2017 और 2022 की वस्त्र उद्योग नीतियों के तहत करीब 116 निवेशकों को 322 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया है। उद्यमियों को कैपिटल सब्सिडी, 100 प्रतिशत तक स्टांप ड्यूटी में छूट और 60 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने वाले उद्यमियों को भी 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही-मिर्जापुर के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ के खेल परिधान और फर्रुखाबाद की टेक्सटाइल प्रिंटिंग प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग में भी सहयोग दे रही है।
राकेश सचान के मुताबिक, लखनऊ-हरदोई के बीच 1,000 एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है, जिस पर करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली और बनारस में टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि 2027 की नई टेक्सटाइल नीति तैयार करते समय उद्यमियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। प्रदेश का विशाल घरेलू बाजार, बढ़ता पर्यटन और मजबूत औद्योगिक आधार टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की बड़ी संभावनाएं पैदा कर रहा है।


