उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे पर टिप्पणी करने का विपक्ष के पास कोई नैतिक आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा को अपने रुख की राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
केशव मौर्य ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान नहीं करती और विधानसभा में विपक्ष का व्यवहार सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं था। उनके अनुसार, विपक्ष ने सदन का समय बाधित किया।
मदरसा शिक्षा पर भी दिया बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मदरसा शिक्षा को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि मदरसा शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है और इस विषय पर अपने पहले के विचारों को दोहराया।
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों में उच्च शिक्षा स्तर की पढ़ाई को लेकर नई नीति लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मदरसों में कामिल (स्नातक) और फाजिल (स्नातकोत्तर) स्तर के पाठ्यक्रम बंद किए जा सकते हैं। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में शिक्षा 12वीं कक्षा तक सीमित रहेगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम न्यायिक निर्देशों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।


