हरियाणा के यमुनानगर में मानसून को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले साल आई बाढ़ और भारी जलभराव से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस बार विभाग पहले से ही अलर्ट मोड पर है।
40 करोड़ रुपये की लागत से तटबंधों को मजबूत किया जा रहा
सिंचाई विभाग की ओर से करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से यमुना, पथराला और सोम नदी के किनारों को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान होने वाले कटाव और बाढ़ जैसी स्थिति को रोकना है।
सोम नदी पर सबसे ज्यादा फोकस
सबसे अधिक काम तिहानो गांव के पास सोम नदी के किनारे किया जा रहा है, जहां पत्थरों और अन्य तकनीकों की मदद से तट को मजबूत बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में सुरक्षा कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि पानी गांवों में न घुस सके।
पिछले साल हुआ था भारी नुकसान
विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान सोम नदी में जलस्तर बढ़ने से तिहानो गांव की लगभग 80 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गई थीं। कई दिनों तक खेतों में पानी भरा रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा आसपास के कई गांवों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ था।
15 जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य
सिंचाई विभाग के अनुसार सभी निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं और इन्हें 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का दावा है कि समय पर काम पूरा होने से इस बार बाढ़ और कटाव का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार नदी क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। मशीनों की मदद से दिन-रात काम जारी है ताकि मानसून से पहले सभी सुरक्षा कार्य पूरे किए जा सकें।
इस बार यमुनानगर प्रशासन पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए पहले से तैयारी कर रहा है। उम्मीद है कि मजबूत किए जा रहे नदी तट आने वाले मानसून में बाढ़ और नुकसान को काफी हद तक रोकने में मदद करेंगे।

