हरियाणा की राजनीति में एक नया कदम उठाते हुए पहली बार राज्य कैबिनेट की बैठक गुरुग्राम में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को खास माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर कैबिनेट मीटिंग चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में ही होती रही है।
प्रशासन के अनुसार, दिल्ली के उद्यमियों के साथ प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इस बार बैठक गुरुग्राम में आयोजित की गई। बैठक के दौरान लघु सचिवालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
कैबिनेट बैठक के बाद हुई प्रेस वार्ता में कई अहम फैसलों की जानकारी दी गई। सरकार ने हरियाणा विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाने का निर्णय लिया है। इस सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज से जुड़ा बिल 2026 पेश किया जाएगा।
बैठक में ग्रुप-डी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। जिन कर्मचारियों ने पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए पात्र माना जाएगा। इसके साथ ही क्लर्क पदों पर प्रमोशन का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। ड्राफ्ट बिल में 5 प्रतिशत एक्स-ग्रेशिया पद रखने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में संसद में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे विपक्षी दलों का “महिला विरोधी” और “सत्ता-लोलुप” चेहरा सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की भागीदारी उनका अधिकार है, और भविष्य में महिलाएं अपने मतदान के जरिए ऐसे दलों को जवाब देंगी।
इस बैठक को प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

