राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में सिजेरियन डिलीवरी के बाद गंभीर संक्रमण से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य महिलाओं की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सिजेरियन के बाद बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम अस्पताल में करीब 12 गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई थी। सर्जरी के कुछ घंटों बाद ही कई महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इनमें से लगभग 6 महिलाओं की स्थिति गंभीर हो गई, जिनमें ब्लड प्रेशर गिरना, प्लेटलेट्स कम होना और यूरिन रुक जाना जैसे लक्षण दिखाई दिए।
इन गंभीर मरीजों को तुरंत गुर्दा रोग (नेफ्रोलॉजी) वार्ड में भर्ती किया गया।
दो महिलाओं की मौत
इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। इनमें 26 वर्षीय पायल की मंगलवार सुबह और 19 वर्षीय ज्योति नायक की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान संक्रमण के चलते मृत्यु हो गई। दोनों ही पहली बार मां बनी थीं।
चार महिलाएं अब भी गंभीर
डॉक्टरों के अनुसार चार अन्य महिलाएं अभी भी गंभीर स्थिति में हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
नवजात सुरक्षित, NICU में निगरानी
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी नवजात शिशुओं को NICU में रखा गया है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है।
परिजनों का आरोप और विरोध
ज्योति के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गलत दवा और उपचार के कारण महिलाओं की हालत बिगड़ी। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया और न्याय की मांग की।
जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के लिए कई समितियां गठित की हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने भी अस्पताल का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली। विशेषज्ञों की टीम भी कोटा पहुंचकर इलाज में सहयोग कर रही है।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और सर्जिकल प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

