शिमला में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने HRTC पेंशनरों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब उन्हें हर महीने तय समय पर पेंशन मिलेगी। सरकार ने पेंशन वितरण व्यवस्था को नियमित और पारदर्शी बनाने के लिए नई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय सुधारों के चलते राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, जिसका सीधा लाभ पेंशनरों और कर्मचारियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब HRTC पेंशनरों को हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच नियमित रूप से पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
HRTC को हर महीने 20 करोड़ रुपये का अनुदान
सरकार ने पेंशन भुगतान को सुचारु रखने के लिए HRTC को हर महीने लगभग 20 करोड़ रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया है। शेष वित्तीय आवश्यकताएं निगम अपने संसाधनों से पूरी करेगा। इसके अलावा पेंशनरों के लंबित मेडिकल प्रतिपूर्ति मामलों के निपटारे के लिए भी 20 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं।
लंबित एरियर और वेतन व्यवस्था पर भी फैसला
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों का लंबित एरियर अगले महीने जारी किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार ने अस्थायी वेतन कटौती को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मुख्य सचिव से लेकर विधायकों और मंत्रियों तक का लंबित भुगतान किया जाएगा और जुलाई से पूरा वेतन लागू होगा।
आर्थिक स्थिति में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और सुधारों के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान में कटौती के बावजूद राज्य ने अपने संसाधनों के बेहतर उपयोग से वित्तीय संतुलन बनाए रखा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले बिजली बोर्ड को भारी अनुदान देना पड़ता था, जिसे अब घटाकर लगभग 1,000 करोड़ रुपये किया गया है।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई और कर्ज का बोझ बढ़ा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संसाधनों के बेहतर उपयोग और भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कांग्रेस पर बयान को लेकर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता नीरज भारती के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सरकार विकास व जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि व्यक्तिगत बयानबाजी पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।


