कांकेर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों के ठिकानों से 50 हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादी गतिविधियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद बस्तर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। इसी अभियान के तहत यह बड़ी बरामदगी हुई है।
जंगलों में चलाया गया बड़ा सर्च ऑपरेशन
1 अप्रैल से 14 मई के बीच जिला पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और बीएसएफ ने मिलकर दूरदराज के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाए गए हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए।
बरामद हथियारों में शामिल हैं:
- 7.62 एमएम एसएलआर और एलएमजी
- 5.56 एमएम एलएमजी
- 303 राइफलें और देसी बंदूकें
- पिस्तौल और अन्य हथियार
- 469 कारतूस और 46 किलो बारूद
- 10 कुकर बम और अन्य विस्फोटक
- वॉकी-टॉकी और गैस वेल्डिंग मशीन
बीजापुर में भी बड़ी बरामदगी
इससे पहले बीजापुर जिले में भी सुरक्षा बलों ने माओवादियों के ठिकानों से करीब 65 लाख रुपये नकद, 32 हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी।
19 मई को बस्तर में अमित शाह की बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों और हालिया घोषणाओं के बाद अमित शाह पहली बार बस्तर पहुंच रहे हैं। बैठक में क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा और समन्वय से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बैठक की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।


