कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में जहां शासन स्तर से सैकड़ों एफआईआर दर्ज कराई गई वहीं फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय बस्ती ने मामले में तेजी दिखाते हुए न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप रखने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपितों को दोषी करार दिया है,यह मामला 29 मार्च 2025 का है,जब उपनिरीक्षक अभिषेक पांडेय रेलवे स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे,इस दौरान प्लेटफार्म नंबर-1 पर दो संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन का इंतजार करते दिखाई दिए,पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अहमर खान उर्फ तारा, निवासी रभवापुर थाना उतरौला,और रमजान शेख,कस्बा तुलसीपुर थाना तुलसीपुर, जिला बलरामपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
तलाशी लेने पर अहमर के बैग से 300 सीसी और रमजान के बैग से 215 सीसी प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया,दोनों की गिरफ्तारी के बाद जीआरपी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की गई और आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया,विशेष शासकीय अधिवक्ता कुमार उत्कर्ष और मृत्युंजय उपाध्याय ने अदालत में पूरे प्रकरण का विवरण प्रस्तुत किया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अहमर खान और रमजान शेख को दोषी मानते हुए उन्हें 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई साथ ही प्रत्येक पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाने का आदेश दिया गया,अदालत ने साफ किया कि अर्थदंड न चुकाने पर दोनों को अतिरिक्त 1 वर्ष की सजा भुगतनी होगी।
सरकारी अधिवक्ता,एनडीपीएस स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उत्कर्ष ने बताया कि जीआरपी थाने द्वारा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से दो लोगों को पकड़ा गया,एक के पास से 300 सीसी और एक के पास से 215 सीसी कोडीन सिरप की बरामदगी हुई थी,इसमें जो माल बरामद हुआ था वो कमर्शियल क्वांटिटी का था,जिसमें कम से कम 10 साल की सजा के साथ 1 लाख के जुर्माने का प्रावधान है।


