झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर तकरार तेज हो गई है। राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर जून 2026 में चुनाव होना है, और दोनों दल इन सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत मान रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि दो सीटों में से कम से कम एक सीट पर उसका अधिकार बनता है। पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू ने संकेत दिया है कि कांग्रेस इस बार एक सीट के लिए औपचारिक रूप से JMM से मांग करेगी। उनका तर्क है कि पहले के चुनावों में गठबंधन के पास सीमित संख्या बल होने के कारण सीट JMM को दी गई थी, लेकिन इस बार स्थिति अलग है और गठबंधन दोनों सीट जीत सकता है।
वहीं, JMM दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के मूड में नजर आ रही है, जिससे गठबंधन के भीतर असहजता बढ़ सकती है। हालांकि अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है और दोनों दलों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है।
इन सीटों में से एक JMM के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट बीजेपी नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त हो रही है।
संख्या बल की बात करें तो 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिसमें JMM के 34 और कांग्रेस के 16 विधायक शामिल हैं। ऐसे में गठबंधन की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर विवाद अगर नहीं सुलझा तो यह राजनीतिक रिश्तों में खटास ला सकता है।

