कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है।
ढांडा ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनावों के दौरान जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को प्रभावित करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा का मामला और पश्चिम बंगाल में IPAC से जुड़ी कार्रवाई इसके उदाहरण हैं, जहां चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान असम पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी विपक्ष को दबाने की रणनीति का हिस्सा लगती है। ढांडा के मुताबिक, चुनाव खत्म होने के बाद ऐसे मामलों में राहत मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि कार्रवाई का समय राजनीतिक रूप से तय किया जाता है।
दरअसल, पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां को लेकर कुछ आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी में मामला दर्ज किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

