अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई अपराध हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर उनका मानना है कि यह निर्णय न्यायिक दृष्टि से विवादित रहा है, हालांकि अब मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है, इसलिए वहां की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सलीम इंजीनियर ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि जनता के वास्तविक मुद्दों पर लड़े जाने चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे नफरत की राजनीति से बचें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करें।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में विभाजन फैलाने वाली राजनीति के खिलाफ सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई अपराध हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर उनका मानना है कि यह निर्णय न्यायिक दृष्टि से विवादित रहा है, हालांकि अब मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है, इसलिए वहां की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सलीम इंजीनियर ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि जनता के वास्तविक मुद्दों पर लड़े जाने चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे नफरत की राजनीति से बचें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करें।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में विभाजन फैलाने वाली राजनीति के खिलाफ सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।


