झारखंड में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
BJP नेताओं का पत्र
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में विशेष सत्र बुलाने की अपील की है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहले संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस बिल को पेश किया था, लेकिन राजनीतिक सहमति न बनने के कारण यह पारित नहीं हो सका।
महिला प्रतिनिधित्व पर जोर
पत्र में दावा किया गया है कि यदि यह कानून लागू होता है तो देश और राज्य में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। भाजपा नेताओं के अनुसार, झारखंड में लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 हो सकती हैं, जिनमें कई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं विधानसभा सीटें 81 से बढ़कर 121 होने पर महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
सांस्कृतिक संदर्भ का उल्लेख
भाजपा नेताओं ने झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का हवाला देते हुए वीरांगना फूलो-झानो का उल्लेख किया और कहा कि राज्य की महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर मिलने चाहिए।
सत्र बुलाने की मांग
भाजपा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्यपाल की अनुमति लेकर झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर इसे दोबारा केंद्र सरकार को भेजा जाए।

