पशुपति कुमार पारस और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच रिश्तों को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति पारस का पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए थे, जिससे भविष्य में दोनों के राजनीतिक तालमेल को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
बीते मंगलवार (24 मार्च, 2026) को पारस ने कहा, “ये तो चाचा-भतीजा का रिश्ता है। राजनीतिक रिश्ता अलग होता है लेकिन चाचा-भतीजा के रिश्ते को समाप्त नहीं किया जा सकता। पारिवारिक और खून का रिश्ता अलग होता है।” उन्होंने यह भी बताया कि मिथिलांचल की संस्कृति के तहत बड़े बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लेना सामान्य परंपरा है और इसमें कोई अनहोनी बात नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में आप चिराग पासवान के साथ राजनीति करेंगे, तो उन्होंने कहा, “ये भविष्य की बात है, किसी ने देखा नहीं है कि आगे क्या होगा।” इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री बनने की अटकलों पर उन्होंने कहा, “बिहार की जनता जिसे चाहेगी, वही मुख्यमंत्री बनाएगी। अंततः निर्वाचित विधायक जो चाहेगा, वही मुख्यमंत्री बनेगा।”
गौरतलब है कि लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद चाचा-भतीजा के रिश्ते राजनीतिक तौर पर पूरी तरह अलग हो गए थे और दोनों ने अपने-अपने दल बना लिए थे। ऐसे में भविष्य में दोनों का फिर से साथ दिखना राजनीतिक रूप से काफी चर्चा का विषय होगा। हालांकि, संभावना कम है, लेकिन सियासत में कुछ भी असंभव नहीं है।
