पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण: सम्राट चौधरी सरकार का कैबिनेट विस्तार पूरा

shikha verma
4 Min Read

बिहार में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार हुआ। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कई नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को बिहार की राजनीति में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। पहले सीमित कैबिनेट के साथ काम कर रही सरकार अब पूर्ण मंत्रिमंडल के साथ प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने की तैयारी में है।

प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम

इस विस्तार का सबसे चर्चित पहलू नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का मंत्री बनना रहा। उनके नाम को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा थी। बताया जा रहा है कि उनके नाम पर पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति बनी, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोगी दलों और एनडीए घटक दलों की भूमिका भी इस विस्तार में महत्वपूर्ण रही। गठबंधन में शामिल सभी प्रमुख दलों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।

भाजपा कोटे से मंत्री बने प्रमुख नेता

भाजपा की ओर से कई अनुभवी और नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। इनमें विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी, केदार गुप्ता, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेंद्र पासवान, संजय टाइगर, इं कुमार शैलेंद्र, रामचंद्र प्रसाद, नंदकिशोर राम, श्रेयसी सिंह और अरुण शंकर प्रसाद शामिल हैं। इनमें कई नेता पहले भी मंत्री रह चुके हैं, जबकि कुछ को पहली बार कैबिनेट में जगह मिली है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों का वितरण किया गया है।

जेडीयू कोटे से मंत्री

जेडीयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत, निशांत कुमार और श्वेता गुप्ता को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

इनमें कई पुराने और अनुभवी चेहरे शामिल हैं, जो पहले भी सरकार में महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।

अन्य सहयोगी दलों का प्रतिनिधित्व

एनडीए के अन्य सहयोगी दलों से भी मंत्रियों को शामिल किया गया है। LJP (रामविलास) कोटे से संजय पासवान और संजय सिंह, HAM से संतोष सुमन तथा RLM से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया है।

राजनीतिक महत्व

यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है। साथ ही एनडीए गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देकर एकजुटता का संदेश भी दिया गया है। इस विस्तार के बाद उम्मीद की जा रही है कि सरकार प्रशासनिक कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाएगी और राज्य में विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।

Share This Article
Leave a Comment