सागर हादसे ने हिला दिया सिस्टम, 4 जवानों की मौत के बाद MP सरकार ने रात की पुलिस यात्रा पर सख़्त रोक लगाई

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मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में बुधवार सुबह जो हादसा हुआ, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। ड्यूटी से लौट रही पुलिस टीम का वाहन NH-44 पर एक कंटेनर से बुरी तरह टकराया और कुछ ही पलों में चार जवानों की जान चली गई। सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़े, टूटी गाड़ी और शोर से भरी खामोशी यह दृश्य किसी भी व्यक्ति को अंदर तक हिला देने वाला था। हादसे की खबर फैलते ही पुलिस विभाग के साथ-साथ आम लोगों में भी गहरा दुख छा गया।

इसी हादसे के बाद सरकार और गृह विभाग तुरंत हरकत में आए। शुरुआती जांच में सामने आया कि रात के समय थकान और रफ्तार अक्सर बड़े हादसों की वजह बनते हैं। इसलिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और अहम निर्णय लेते हुए रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक पुलिसकर्मियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा पर रोक लगा दी है। यह फैसला न सिर्फ इस हादसे से जुड़ा है, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

सागर का भीषण सड़क हादसा-चार जवानों की मौत से हड़कंप

सागर जिले के बांदरी और मालथौन के बीच NH-44 पर बुधवार सुबह एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसे किसी ने सोचा भी नहीं था। मुरैना बम डिस्पोजल और डॉग स्क्वॉड की टीम ड्यूटी खत्म कर वापस लौट रही थी। पुलिस का वाहन सामान्य रफ्तार में था, लेकिन सामने से आते कंटेनर से इतनी तेज़ भिड़ंत हुई कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। हादसा इतना भयानक था कि चार जवानों की वहीं मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव का शोक संदेश

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि चार जवानों का जाना पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ परिवारों को सांत्वना दी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि घायलों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता पर हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जवान 24 घंटे जनता की सुरक्षा के लिए काम करते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी भावना के तहत आगे जो कदम उठाए गए, वे पुलिस फोर्स के लिए एक नया सुरक्षा मॉडल तैयार करते हैं।

रात 12 से सुबह 5 बजे तक पुलिसकर्मियों की लंबी दूरी यात्रा पर रोक

सागर हादसे के तुरंत बाद गृह विभाग सक्रिय हुआ। पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने सभी जिलों को आदेश जारी करते हुए साफ कहा कि रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक कोई भी पुलिसकर्मी लंबी दूरी की यात्रा नहीं करेगा। यह नियम पूरे मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के लिए तुरंत लागू कर दिया गया है।
आदेश में साफ लिखा है कि देर रात थकान बढ़ जाती है, ड्राइवर की प्रतिक्रिया क्षमता कम हो जाती है, अचानक झपकी आने की संभावना बढ़ती है, हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि अब इन घंटों में लंबी दूरी तय करना प्रतिबंधित रहेगा। अगर कोई अत्यंत आवश्यक परिस्थिति हो, तभी यात्रा की अनुमति दी जाएगी और वह भी तभी जब ड्राइवर पूरी तरह फिट, सतर्क और आराम की स्थिति में हो।

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