जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खान सर कोचिंग सेंटर फायरिंग केस, NEET-UG पेपर लीक विवाद और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और राज्य की राजनीति पर भी सवाल उठाए।
खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग से जुड़े विवाद पर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोचिंग संस्थानों के संचालकों के बीच का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए इस पर विस्तृत टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
NEET पेपर लीक को बताया व्यवस्थागत समस्या
NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक व्यापक समस्या है। उनके अनुसार, पिछले कई वर्षों में कोचिंग संस्थानों का प्रभाव काफी बढ़ा है, जिसके कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं और जब तक शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार नहीं किए जाएंगे, तब तक ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।
बांकीपुर उपचुनाव को बताया महत्वपूर्ण
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार के दावों की परीक्षा भी है। उन्होंने इसे जनता के लिए सरकार के वादों और कामकाज पर अपनी राय व्यक्त करने का अवसर बताया।
बीजेपी और एनडीए पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान किए गए कई वादों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं अभी भी बरकरार हैं। जन सुराज इस उपचुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ने की तैयारी कर रहा है और इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है।
उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं और जनता के मूड का संकेत भी देंगे।


