पटना में जेल से जमानत मिलने के बाद बाहर आए रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने उन्हें घटना के महज छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य मामलों में कार्रवाई में देरी की जाती है।
रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि पटना पुलिस फैसल खान (खान सर) के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है और उन्हें कुछ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि फैसल खान का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने दावा किया कि कदमकुआं थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ झूठे बयान दर्ज कराए गए हैं और गार्ड से जबरन बयान लिया गया है। रौशन आनंद ने कहा कि संबंधित गार्ड उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ा था और वे उसे वेतन भी देते थे।
इस दौरान उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल में हुई मौत का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे घर नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका अंतिम संस्कार सहरसा में किया जाएगा।
रौशन आनंद ने आगे कहा कि वे अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई को प्राथमिकता देंगे और इसके बाद ही अन्य व्यक्तिगत कार्यों पर ध्यान देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई मामलों में झूठे दावे किए गए हैं और वास्तविक सबूत कभी पेश नहीं किए गए।


