केंद्रीय जन अभियान पार्टी (CJP) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें देशभर से आए हजारों प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से NEET-UG पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि NEET-UG के अलावा CBSE, CUET और SSC-GD जैसी प्रमुख परीक्षाओं में भी गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ देखने को मिली और कई छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, वे अमेरिका से सीधे दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर आंदोलन में हिस्सा लिया। एयरपोर्ट से बाहर आते समय उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक पुस्तक भी दिखाई, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार न होने के कारण छात्रों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन को CJP का जंतर-मंतर पर पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने इस आंदोलन को और व्यापक बना दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि सभी परीक्षा बोर्डों में पारदर्शिता लाई जाए और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन माहौल में सरकार विरोधी नारों और मांगों की गूंज लगातार सुनाई देती रही।
यह प्रदर्शन छात्रों के मुद्दों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किया गया, जिसे CJP ने एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप देने की बात कही है।


