उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती और जनता की शिकायतों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। राज्य में अघोषित बिजली कटौती को गंभीरता से लेते हुए यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, गाज़ियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें मेरठ मुख्यालय से अटैच किया गया है। इसी तरह मेरठ में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। अधिकारियों पर आरोप है कि उनके कार्यक्षेत्र में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही थीं और उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को लेकर लोग लगातार नाराज़गी जता रहे हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में सरकार ने बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी बिजली व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। सरकार का कहना है कि आम जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
ऊर्जा विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि जहां तकनीकी समस्याएं हैं, वहां उन्हें तेजी से ठीक किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। योगी सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


