महिला पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 30 मई से होने वाले एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मातृत्व किसी भी महिला खिलाड़ी के बहिष्कार का आधार नहीं बन सकता।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद का समय महिला खिलाड़ियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे खेल संस्थाओं द्वारा अक्सर गंभीरता से नहीं समझा जाता। अदालत ने माना कि विनेश फोगाट मातृत्व अवकाश की वजह से भारतीय कुश्ती महासंघ की चयन प्रक्रिया की कुछ शर्तें पूरी नहीं कर सकीं।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मातृत्व को किसी महिला एथलीट के करियर में बाधा नहीं बनने दिया जा सकता। साथ ही अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर भी नाराज़गी जताई।
हाईकोर्ट ने नोटिस की भाषा और शब्दों के चयन पर सवाल उठाते हुए इसे “द्वेषपूर्ण” करार दिया। अदालत ने कहा कि महासंघ की कार्रवाई से दुर्भावना झलकती है और खिलाड़ियों के साथ संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।
इस फैसले के बाद विनेश फोगाट के लिए एशियाई खेल 2026 में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। खेल जगत में इस निर्णय को महिला खिलाड़ियों के अधिकारों और मातृत्व सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


