राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। जिला प्रशासन ने सीमा से सटे तीन किलोमीटर क्षेत्र में रात के समय आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही तेज रोशनी, तेज आवाज वाले उपकरण और पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
रात में आवाजाही पर रोक
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार सीमा क्षेत्र में शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक आम लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, जिन किसानों को सिंचाई या खेती से जुड़े कार्यों के लिए खेतों तक जाना जरूरी होगा, उन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) या संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
यह आदेश श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घड़साना उपखंड क्षेत्रों में लागू रहेगा।
टॉर्च, तेज रोशनी और DJ पर भी रोक
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सीमा क्षेत्र में रात के दौरान तेज प्रकाश और तेज ध्वनि वाले उपकरणों के उपयोग पर भी रोक लगा दी है। आदेश के तहत:
- टॉर्च या तेज रोशनी का उपयोग सीमित रहेगा
- DJ, बैंड और पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा
- तेज आवाज में गाने बजाने की अनुमति नहीं होगी
हालांकि, यह प्रतिबंध सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
पाकिस्तानी लोकल सिम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
प्रशासन ने यह भी कहा कि सीमा पार पाकिस्तान के मोबाइल टावरों का नेटवर्क भारतीय सीमा में कुछ किलोमीटर तक पहुंच सकता है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार कोई भी व्यक्ति पाकिस्तानी सिम का उपयोग नहीं करेगा और न ही किसी अन्य को इसकी अनुमति दी जाएगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर फैसला
सीमा क्षेत्र में लागू किए गए इन प्रतिबंधों को राष्ट्रीय सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

