बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राज्य में कैबिनेट विस्तार 7 मई 2026 को किया जाएगा। इस दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण पटना के गांधी मैदान में होने की तैयारी है। प्रशासन और राजनीतिक दलों ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के नाम चर्चा में हैं। इस वजह से यह आयोजन राजनीतिक रूप से और भी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्रियों की संवैधानिक सीमा है। मौजूदा समय में सरकार में सीमित मंत्रियों की ही नियुक्ति हुई है, लेकिन अब इस विस्तार के बाद करीब 27 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।
पार्टीवार हिस्सेदारी की बात करें तो संभावित फॉर्मूले के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लगभग 12 मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) को करीब 11 मंत्री पद मिलने की संभावना है। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 मंत्री पद और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को 1 मंत्री पद दिए जाने की चर्चा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार राज्य की सत्ता संरचना को और मजबूत करेगा तथा गठबंधन दलों के बीच संतुलन को स्पष्ट करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किस क्षेत्र और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रियों का चयन किया जाता है। 7 मई को होने वाला यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे आने वाले समय में राज्य की नीतियों और प्रशासनिक दिशा पर भी असर पड़ेगा।

