मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। पार्टी की ओर से तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया गया था।
गुरुवार (11 जून) को रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों उम्मीदवारों को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। यह स्थिति तब बनी जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया और चुनाव की नौबत ही नहीं आई।
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होना था, लेकिन नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक मैदान में केवल तीन उम्मीदवार ही बचे, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया।
मीनाक्षी नटराजन का मामला सुप्रीम कोर्ट में
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन रद्द किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले पर 12 जून को सुनवाई तय की गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला गलत और पक्षपातपूर्ण है।
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय पर सुनवाई नहीं हुई तो उम्मीदवार को छह साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वहीं, रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले का बचाव वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने किया।
नामांकन रद्द होने का कारण
बीजेपी की आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने अपने हलफनामे में तेलंगाना में लंबित एक कानूनी मामले की जानकारी नहीं दी थी। हालांकि, नटराजन ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। फिलहाल तीनों BJP उम्मीदवारों को राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया है।


