नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को इस साल झटका लग सकता है, क्योंकि भारत में मोबाइल फोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 के पहले पांच महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले साल जहां फोन की कीमतें लगभग स्थिर थीं, वहीं इस साल हर महीने कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासतौर पर एंट्री-लेवल और बजट स्मार्टफोन्स के दामों में सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ती कीमतों की सबसे बड़ी वजह मेमोरी और सेमीकंडक्टर चिप्स की कमी बताई जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के चलते डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे चिप निर्माता कंपनियां अब अधिकतर उत्पादन AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कर रही हैं। इसके चलते मोबाइल और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली चिप्स की सप्लाई कम हो गई है।
इस सप्लाई की कमी का सीधा असर स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर पड़ा है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ी और कीमतें उपभोक्ताओं तक पहुंच रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग सभी प्रमुख ब्रांड्स ने अपने स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कुछ ब्रांड्स में यह बढ़ोतरी 16% से लेकर 30% से अधिक तक देखी गई है। रेडमी, पोको, इनफिनिक्स, CMF और अन्य कंपनियों ने अपने कई मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चिप सप्लाई और उत्पादन की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन और भी महंगे हो सकते हैं।


