दिल्ली में करोड़ों के घोटाले का खुलासा, ACB ने पूर्व CPA प्रमुख को किया गिरफ्तार

shikha verma
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दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवा और उपकरण खरीद से जुड़े कथित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं कर कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

जांच एजेंसी के अनुसार, दिल्ली सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी खरीद में गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि टेंडर की शर्तों और तकनीकी मानकों में हेरफेर कर प्रतिस्पर्धी कंपनियों को बाहर किया गया और केवल कुछ फर्मों को ठेके दिए गए।

आरोप है कि दवाइयों, सर्जिकल सामान, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, बेडशीट और अन्य सामग्री की खरीद बाजार से कहीं अधिक कीमत पर की गई।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खरीद से संबंधित कई अहम फाइलें गायब पाई गईं। एसीबी का आरोप है कि ये फाइलें डॉ. रंगा की निगरानी में थीं और उन्हें जानबूझकर छिपाने की कोशिश की गई।

इस मामले में 2 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 18 जून को डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया गया और 19 जून को अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

एसीबी अब इस कथित घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों, निजी सप्लायरों और लाभार्थियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है, साथ ही धन के लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

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