केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस आरोपियों सिया और चेतन को लेकर महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले पहुंची, जहां क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया गया।
क्राइम सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) का उद्देश्य यह समझना है कि वारदात किस तरह अंजाम दी गई। इस दौरान यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय केतन, सिया और चेतन किस स्थान पर मौजूद थे और पूरी घटना कैसे घटित हुई।
जांच के दौरान डमी बॉडी का उपयोग कर यह समझने का प्रयास किया गया कि कथित रूप से धक्का किस स्थिति में दिया गया और उसके बाद पीड़ित कितनी दूरी तक गिरा।
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित जांच
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है और अधिकांश साक्ष्य परिस्थितिजन्य हैं। इसलिए जांच एजेंसी हर पहलू को जोड़कर घटना की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।
टीम घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरी घटना का स्पष्ट चित्र सामने आ सके।
जांच के विभिन्न एंगल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच कई एंगल से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिया और चेतन ने सामाजिक कारणों और व्यक्तिगत संबंधों के चलते कथित तौर पर यह योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


