उत्तराखंड में बिजली की मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड, दो दिनों में खपत 6.5 करोड़ यूनिट के करीब

shikha verma
3 Min Read

देहरादून, 28 जून 2026: उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले दो दिनों में राज्य में बिजली की खपत बढ़कर करीब 6.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। बढ़ती मांग के कारण पावर ग्रिड और बिजलीघरों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ट्रिपिंग और अस्थायी बिजली बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं।

बिजली की मांग में तेज बढ़ोतरी

ऊर्जा विभाग के अनुसार, जून की शुरुआत में राज्य की दैनिक बिजली मांग लगभग 4.6 करोड़ यूनिट थी, जो 26 जून तक बढ़कर करीब 6.5 करोड़ यूनिट पहुंच गई। केवल दो दिनों में बिजली की मांग 5.9 करोड़ यूनिट से बढ़कर 6.5 करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गई।

वर्तमान में राज्य पूल से लगभग 1.6 करोड़ यूनिट, केंद्रीय पूल से 2.1 करोड़ यूनिट तथा अन्य स्रोतों से करीब 1.8 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद पीक आवर्स में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग से प्रभावित हुई आपूर्ति

बढ़ते तापमान और ओवरलोडिंग के कारण राज्य के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ऋषिकेश के 132 केवी ज्वालापुर बिजलीघर में लगभग एक घंटे तक बिजली बाधित रही। वहीं 132 केवी पदार्था बिजलीघर में करीब 20 मिनट की ट्रिपिंग दर्ज की गई।

इसके अलावा श्रीनगर स्थित 160 एमवीए ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग के चलते करीब एक घंटे 20 मिनट तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। ज्वालापुर-चीला और ज्वालापुर-ऋषिकेश ट्रांसमिशन लाइनों में ट्रिपिंग के कारण लगभग 16 मिनट तक आपूर्ति बाधित रही। श्रीनगर, सिमली, सतपुली और कोटद्वार सहित कई क्षेत्रों में भी कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

उत्पादन में कमी से बढ़ी चुनौती

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) का वर्तमान बिजली उत्पादन करीब 1.6 करोड़ यूनिट प्रतिदिन है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 1.9 करोड़ यूनिट से कम है। विभाग को उम्मीद है कि मानसून सक्रिय होने और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने के बाद बिजली उत्पादन में सुधार होगा।

यूपीसीएल का पक्ष

उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी प्रकार की घोषित बिजली कटौती नहीं की गई है। हालांकि विभाग ने स्वीकार किया कि बढ़ती बिजली मांग और सीमित उत्पादन के बीच आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तापमान ऊंचा बना रहता है और बारिश में देरी होती है, तो बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है।

Share This Article
Leave a Comment