सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजभर का दावा है कि 12 अगस्त को सपा कार्यकर्ता सुभासपा कार्यालय में पहुंचे और वहां गाली-गलौज, हाथापाई तथा धमकी देने की घटना हुई। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक विरोध में हिंसा से बचने की अपील की।
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में जाकर कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सुभासपा कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई तथा पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
राजभर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक राजनीति के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उनके कार्यकर्ताओं की ऐसी गतिविधियों को किसी तरह का राजनीतिक समर्थन प्राप्त है। हालांकि, ये आरोप राजभर की ओर से लगाए गए हैं और मामले के संबंध में संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘लड़ाई करनी है तो जनता के बीच मुद्दों पर आइए’
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक मुकाबला जनता के बीच जाकर मुद्दों और नीतियों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति को हिंसा या गाली-गलौज में बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है।
राजभर ने अपने बयान में यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और कथित रूप से हिंसा या धमकी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक तेवर दिखाते हुए कहा कि वह ऐसे दबाव से डरने वाले नहीं हैं।
‘सुहेलदेव का वंशज हूं, डरता नहीं हूं’
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह महाराजा सुहेलदेव के वंशज हैं और न खुद डरते हैं, न अपने कार्यकर्ताओं को डरने देंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि कथित तौर पर कानून हाथ में लेने वालों का हिसाब कानून के जरिए होगा।
राजभर के इन आरोपों के बाद सुभासपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। फिलहाल, पूरे मामले में आधिकारिक शिकायत, पुलिस कार्रवाई और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।


