नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अदालतों का गठन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज करनी होगी।
सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी से बचने के बजाय पेपर लीक मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
RJD ने सरकार की जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आरजेडी सांसद ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट तभी प्रभावी साबित होंगे, जब जांच एजेंसियां समय पर जांच पूरी करें, आरोपियों की गिरफ्तारी हो और अदालत में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किए जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में जांच प्रक्रिया में देरी के कारण आरोपियों को लाभ मिलता है। उन्होंने नीट-2024 मामले का उदाहरण देते हुए सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
‘केवल घोषणा से नहीं होगा समाधान’
सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करना, निष्पक्ष जांच कराना, सबूत जुटाना और समय पर चार्जशीट दाखिल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि ये प्रक्रियाएं मजबूत नहीं होंगी तो फास्ट ट्रैक अदालतों का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।
युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
आरजेडी सांसद ने कहा कि देश के युवा जानना चाहते हैं कि सरकार प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए कितनी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा केवल बयानों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से बहाल होगा। कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रश्नपत्र लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की बात कही थी। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।


