लोक निर्माण विभाग (PWD) देवरिया में सड़क मरम्मत के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। वर्ष 2015 में बनी सड़क को कागजों में खराब दिखाकर उसकी मरम्मत के लिए करोड़ों की मांग की गई।
प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी सामने आने पर AE, JE राम गणेश पासवान और कंप्यूटर ऑपरेटर ऋषभ पासवान को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। वहीं XEN अनिल जाटव के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी गई है।
बिना भौतिक जांच पास हुआ करोड़ों का प्रस्ताव — फर्जी हस्ताक्षर की भी पुष्टि
जांच में यह गंभीर खुलासा हुआ कि सड़क की ग्राउंड वेरिफिकेशन किए बिना ही करोड़ों रुपये का प्रस्ताव विभाग से मंजूर कर दिया गया। न सिर्फ PWD मुख्यालय बल्कि शासन ने भी सत्यापन के बिना ही धनराशि स्वीकृत कर दी।
न्यूज़ स्टेट की पड़ताल में सामने आया कि मरम्मत प्रस्ताव पर AE सुधीर कुमार के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
जांच में यह तथ्य उभरा कि XEN अनिल जाटव के निर्देश पर JE राम गणेश पासवान और कंप्यूटर ऑपरेटर ऋषभ पासवान ने मिलकर AE के हस्ताक्षर कॉपी-पेस्ट कर प्रस्ताव भेजा। AE को जानबूझकर फंसाने की यह साजिश उजागर होने पर AE सुधीर कुमार ने उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की और उच्च स्तरीय हस्ताक्षर जांच की मांग भी की है।
मुख्य सचिव की जांच में AE,JE कंप्यूटर ऑपरेटर निलंबित, XEN की भूमिका संदिग्ध — पद पर बने रहने पर उठे सवाल
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के आदेश पर चल रही जांच में AE ,JE कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया गया, जबकि XEN की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि PWD में कोई भी प्रस्ताव XEN अनिल जाटव के डोंगल के बिना पास नहीं हो सकता, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियम-7 की कार्रवाई शुरू होने के बावजूद XEN का अब तक पद पर बने रहना विभागीय प्रक्रियाओं पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। सूत्रों की मानें तो किसी भी समय बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
मीडिया से दूरी बनाए अधिकारी — पूरे प्रदेश की नजर मुख्यमंत्री के फैसले पर
मीडिया द्वारा जवाब मांगे जाने पर PWD अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।
अब पूरे प्रदेश की नज़र इस बात पर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस 6 करोड़ के सड़क घोटाले पर अगला बड़ा कदम क्या उठाते हैं।



