उत्तराखंड में होने वाले महाकुंभ 2027 को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस ने डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेश में पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती की है।
वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साइबर कमांडो सक्रिय किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह व्यवस्था महाकुंभ 2027 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को पुलिस मुख्यालय स्थित पटेल भवन में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने साइबर कमांडो की तैयारियों और जिम्मेदारियों की समीक्षा की। हरिद्वार में तैनात की गई टीम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 31 साइबर कमांडो और उत्तराखंड पुलिस के 4 विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम हरिद्वार कंट्रोल रूम से साइबर गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।
चार यूनिट्स संभालेंगी साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी
साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए चार विशेष इकाइयों का गठन किया गया है। इनमें साइबर सिक्योरिटी यूनिट, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, साइबर इंटेलिजेंस यूनिट और इंस्टेंट रिस्पॉन्स यूनिट शामिल हैं।
ये सभी यूनिट्स 24 घंटे साइबर स्पेस की निगरानी करेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
फर्जी बुकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रहेगी नजर
महाकुंभ और कांवड़ यात्रा के दौरान साइबर कमांडो फर्जी खबरों, नकली होटल और ट्रैवल बुकिंग, यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड धोखाधड़ी, फिशिंग और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट जैसी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, यह पहल न केवल वर्तमान कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी, बल्कि महाकुंभ 2027 के लिए एक मजबूत साइबर सुरक्षा मॉडल तैयार करने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।


