आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शनिवार (1 अगस्त 2026) को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘E20 के खिलाफ राष्ट्रीय टाउन हॉल’ कार्यक्रम में केजरीवाल ने सरकार से E20 ईंधन को लेकर रिपोर्ट और वैज्ञानिक अध्ययन सार्वजनिक करने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने कहा कि सरकार कभी E20 पेट्रोल को खराब बताती है और कभी इसे पूरी तरह सुरक्षित बताती है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर कोई स्पष्ट स्टडी सामने नहीं रखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर E20 पेट्रोल सुरक्षित है तो सरकार इस पर खुली बहस क्यों नहीं करती।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को बिना पर्याप्त अध्ययन के देश की जनता पर लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कई वाहन मालिक माइलेज कम होने और इंजन संबंधी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
AAP संयोजक ने कहा कि E20 का विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जाती है और सवाल उठाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार को अपने फैसले पर भरोसा है तो उसे तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब देना चाहिए।
केजरीवाल ने एक सर्वे का हवाला देते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने माइलेज कम होने और इंजन पर असर पड़ने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
29 वाहन कंपनियों से मांगा जवाब
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने देश की 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर दो सवाल पूछे हैं। पहला, क्या साल 2023 से पहले बने वाहनों में E20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है? दूसरा, अगर E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज कम होता है या इंजन को नुकसान पहुंचता है तो क्या कंपनियां इसकी जिम्मेदारी लेंगी? उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर जनता के सामने पूरी जानकारी और पारदर्शिता होनी चाहिए।


