जयपुर: मुस्लिम महिलाओं को केवल घर तक सीमित रखने संबंधी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान पर विरोध तेज हो गया है। जयपुर की विभिन्न यूनिवर्सिटी से जुड़ी मुस्लिम महिलाओं ने इस टिप्पणी पर नाराज़गी जताते हुए इसे महिलाओं की भूमिका को सीमित करने वाली सोच बताया है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और उसे केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर और करियर दोनों को संतुलित करने में सक्षम हैं, और कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
महिलाओं ने राजनीति में अपनी भागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा कि समाज की आधी आबादी होने के नाते उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। उनका मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से नीतियों में संतुलन और व्यापक दृष्टिकोण आएगा।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस तरह के बयान महिलाओं की प्रगति में बाधा बनते हैं और यह एक पुरानी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज की मुस्लिम महिलाएं शिक्षित हैं और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, इसलिए उन्हें पीछे रखने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
बुर्का पहनने वाली कई महिलाओं ने भी खुलकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि ऐसे बयान यह संकेत देते हैं कि कुछ लोग महिलाओं की प्रगति से असहज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
महिलाओं ने यह भी कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं की भूमिका भी बदली है। आज महिलाएं रक्षा, प्रशासन, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्रिय हैं, ऐसे में उन्हें राजनीति से दूर रखने की बात तर्कसंगत नहीं है।

