चारधाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नया प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत यात्रा मार्ग पर मिलने वाले भोजन की सख्त जांच की जाएगी और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में सख्ती बढ़ाई जाएगी।
बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलते ही लाखों श्रद्धालु यात्रा पर निकल चुके हैं। इसी भीड़ और जरूरत को देखते हुए सरकार ने खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि यात्रियों को साफ और सुरक्षित भोजन मिल सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने यात्रा मार्गों पर मोबाइल फूड सेफ्टी वैन तैनात की हैं, जो ढाबों और होटलों में खाने की गुणवत्ता की जांच करेंगी। साथ ही क्विक रिस्पांस टीमें भी किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। यात्रियों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर मिलावट या खराब भोजन की शिकायत की जा सकती है।
सरकार ने होटल और ढाबा संचालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं, जिसमें उन्हें स्वच्छता और सुरक्षित भोजन तैयार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही खाने में तेल, नमक और चीनी के सीमित उपयोग की सलाह दी गई है, ताकि यात्रियों के स्वास्थ्य पर असर न पड़े।
एक अहम पहल के तहत बार-बार इस्तेमाल होने वाले खाने के तेल को अब बायोफ्यूल निर्माण के लिए इकट्ठा किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, चारधाम यात्रा मार्ग को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए सख्त अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बने, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण पेश करे।

