ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, यानी पावन गंगा दशहरा के अवसर पर आज तीर्थ नगरी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से आए हजारों भक्त मां गंगा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं।
त्रिवेणी घाट पर मौजूद तीर्थ पुरोहितों ने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह सनातन धर्म में अत्यंत विशेष दिन माना जाता है। इसी दिन राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इसे गंगा अवतरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के समस्त शारीरिक, वाचिक और मानसिक पापों का नाश होता है। श्रद्धालु केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पितरों के निमित्त भी विशेष तर्पण और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पुरुषोत्तम मास से जुड़ा होने के कारण इस अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। स्नान के बाद श्रद्धालु लक्ष्मी-नारायण की पूजा कर दान-पुण्य में भी भाग ले रहे हैं।
चारधाम यात्रा के चलते उत्तराखंड में इस समय भारी संख्या में तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूबा हुआ है। त्रिवेणी घाट पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से माहौल गूंज उठा।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जल पुलिस के जवान घाट पर सतर्क हैं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं।


