बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है और इसके लिए जल्द ही नई AI नीति लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बात ‘बिहार AI समिट-2026’ के उद्घाटन के दौरान कही।
ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि AI आज के समय में जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है और इसका उपयोग शासन व्यवस्था, शिक्षा और विकास कार्यों में बड़े स्तर पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से अपील की कि वे अपने कामकाज में AI का अधिकतम उपयोग करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति लाई जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान संभव है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत स्तर पर चल रहे सहयोग शिविरों में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने प्रवासी बिहारियों से भी राज्य में लौटकर विकास में योगदान देने की अपील की। साथ ही उन्होंने शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सख्ती जरूरी है और अपराधियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में आईटी विभाग और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया और राज्य में AI आधारित विकास की संभावनाओं पर विचार साझा किए। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख तकनीकी राज्यों में शामिल होगा।


