केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटनाक्रम के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होगी और छात्रों की चिंताओं का सकारात्मक समाधान निकलेगा।
मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “देर आए, दुरुस्त आए। धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।” उन्होंने इस अवसर पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के शांतिपूर्ण समापन की भी सराहना की।
जोशी ने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने वाले सभी छात्रों को बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि अब भारतीय शिक्षा जगत में जल्द शांति स्थापित होगी और युवाओं को अपने भविष्य और प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
इससे पहले भी मुरली मनोहर जोशी छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंता जता चुके थे। उन्होंने कहा था कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों की समस्याएं वास्तविक हैं और उनका समाधान सहानुभूतिपूर्ण एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र आंदोलन को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं और युवाओं पर बल प्रयोग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कदम समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं हैं।
कि नीट पेपर लीक विवाद को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन जारी था। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है और यह मुद्दा उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही का विषय है।


