जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के लिए लगातार पांच बड़े फैसले लेकर शिक्षा, तकनीक, सरकारी नौकरी और रोजगार सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महज आठ दिनों के भीतर लिए गए इन फैसलों का सीधा असर छात्रों, मेडिकल इंटर्न, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ेगा।
- पहला उपहार: मेडिकल इंटर्न का भत्ता 25 हजार रुपये
- दूसरा उपहार: 25 लाख छात्रों को मिलेंगे टैबलेट
- तीसरा उपहार: 3.16 लाख विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति का रास्ता साफ
- चौथा उपहार: एडीओ पंचायत के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती
- पांचवां उपहार: 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी और सामाजिक सुरक्षा
- एजेंसी बदलने पर भी नहीं जाएगी नौकरी
- ईपीएफ-ईएसआई और दुर्घटना बीमा का लाभ
- पढ़ाई से रोजगार सुरक्षा तक सरकार का फोकस
सरकार ने जहां 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, वहीं 3.16 लाख विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का रास्ता भी साफ किया गया है। इसके अलावा मेडिकल इंटर्न का मासिक भत्ता दोगुने से अधिक करते हुए 25 हजार रुपये किया गया है और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के 50 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती के लिए खोलने का फैसला लिया गया है। पांचवें बड़े फैसले के तहत करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मियों के लिए मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की नई व्यवस्था लागू की गई है।
पहला उपहार: मेडिकल इंटर्न का भत्ता 25 हजार रुपये
योगी सरकार ने एमबीबीएस और बीडीएस की रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे युवाओं के मासिक भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी की है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप करने वाले मेडिकल छात्रों का भत्ता 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इससे पहले वर्ष 2021 में भत्ता 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया था। अब एक बार फिर इसमें 13 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
दूसरा उपहार: 25 लाख छात्रों को मिलेंगे टैबलेट
युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को ये टैबलेट निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इस कदम का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन संसाधनों और तकनीकी अवसरों से जोड़ना है।
तीसरा उपहार: 3.16 लाख विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति का रास्ता साफ
वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए 3,16,057 विद्यार्थियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है।
इन छात्रों के लिए संबंधित पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, ताकि लंबित आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सके और पात्र विद्यार्थियों को उनका भुगतान मिल सके। सरकार के अनुसार इसके लिए 551.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
चौथा उपहार: एडीओ पंचायत के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पदों को अब केवल प्रोन्नति के जरिए नहीं भरा जाएगा।
सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए 50 प्रतिशत पदों को सीधी भर्ती के लिए निर्धारित करने का निर्णय लिया है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को एडीओ पंचायत बनने का सीधा अवसर मिलेगा।
पांचवां उपहार: 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी और सामाजिक सुरक्षा
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम (यूपीकोस) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है।
आउटसोर्स पदों को चार श्रेणियों में बांटकर न्यूनतम 20 हजार, 22 हजार, 25 हजार और 40 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की 5 तारीख तक पूरा पारिश्रमिक सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
एजेंसी बदलने पर भी नहीं जाएगी नौकरी
यूपीकोस की व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मियों को मनमानी छंटनी से सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है। एजेंसी बदलने की स्थिति में मौजूदा कर्मचारियों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। कार्यरत कर्मचारियों को सेवा में बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
साथ ही एजेंसियों के चयन में पारदर्शिता के लिए जेम पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। भर्ती, उपस्थिति और भुगतान से संबंधित जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
ईपीएफ-ईएसआई और दुर्घटना बीमा का लाभ
आउटसोर्स कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में लाकर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। महिला कर्मचारियों को सवेतन मातृत्व अवकाश समेत वैधानिक लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
इसके अलावा बैंक सैलरी खाते के माध्यम से दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
पढ़ाई से रोजगार सुरक्षा तक सरकार का फोकस
पिछले आठ दिनों में लिए गए इन पांच फैसलों को युवाओं की शिक्षा, डिजिटल सशक्तीकरण, आर्थिक सहायता, सरकारी रोजगार और नौकरी की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक ओर छात्रों को टैबलेट और लंबित शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा, वहीं मेडिकल इंटर्न को बढ़ा हुआ भत्ता और युवाओं को एडीओ पंचायत के पदों पर सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बेहतर मानदेय, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
इस तरह योगी सरकार के इन फैसलों का दायरा शिक्षा और तकनीक से शुरू होकर सरकारी नौकरी और रोजगार की सुरक्षा तक पहुंचता है।


