परी चौक-दिल्ली रूट पर बड़ी कार्रवाई, नियम तोड़ने वाली 9 निजी बसें जब्त

shikha verma
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 परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली निजी बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से निजी बसों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 9 निजी बसों को सीज किया गया है।

बसों में सुरक्षा मानकों की सामने आई कमी

जांच के दौरान अधिकारियों को कई बसों में गंभीर खामियां मिलीं। कार्रवाई की जद में आई बसों की खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे हुए थे। कुछ बसों में नियमों के विपरीत शीशे से बंद निजी केबिन भी बनाए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि कई बसों में सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन पैनिक बटन जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं। परिवहन विभाग ने कार्रवाई के तहत बसों को सेक्टर-44 के छलेरा इलाके से जब्त कर मोरना डिपो में खड़ा कराया है।

696 निजी बसों पर प्रशासन की नजर

गौतमबुद्ध नगर जिले में करीब 696 निजी बसें पंजीकृत हैं। इनका संचालन लगभग 90 अलग-अलग ऑपरेटरों के जरिए किया जाता है। बड़ी संख्या में निजी बसें बॉटनिकल गार्डन से संचालित होती हैं।

आरोप है कि कुछ बस संचालक चिल्ला बॉर्डर, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-52, सेक्टर-76, मॉडल टाउन, छिजारसी, एडवंट और जीरो प्वाइंट समेत कई स्थानों पर सड़क के बीच में बसें रोककर यात्रियों को बैठाते हैं।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को भी दी गई चेतावनी

अवैध तरीके से सड़क पर बस रोकने से जहां ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है, वहीं तेज रफ्तार वाहनों के बीच हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बस संचालकों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निजी बसों की जांच का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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