पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर नहीं बल्कि पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से जुड़ी थी।
रंधावा ने बताया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ एक पत्र गृह मंत्री को लिखा था, और उसी मुद्दे पर चर्चा के लिए यह मुलाकात पहले से तय थी। उन्होंने कहा कि इस बैठक को किसी भी तरह से राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी इस मुद्दे पर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स उनकी मुलाकात को राजनीतिक रंग दे रही हैं, जबकि यह बैठक पंजाब की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए थी।
रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि सभी दल मिलकर काम करें, और इस बैठक का उद्देश्य भी केवल राज्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाना था।
नेतृत्व और संगठन पर सवाल
इस दौरान रंधावा ने कांग्रेस संगठन से जुड़े कुछ सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि पहले से तय निर्णय ही लागू होने थे तो बैठकों का औचित्य क्या था, इस पर पार्टी नेतृत्व को विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर अधिक स्पष्टता पार्टी के वरिष्ठ नेता ही दे सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
इस मुलाकात पर राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का विषय है। उन्होंने कहा कि रंधावा लंबे समय से आतंकवाद और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते रहे हैं, और उनकी यह मुलाकात भी उसी संदर्भ में देखी जानी चाहिए।
राजनीतिक हलचल
रंधावा और अमित शाह की इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि दोनों पक्षों की ओर से इसे केवल सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी बैठक बताया जा रहा है।


