हर-हर महादेव के जयघोष से उत्तर प्रदेश का कांवड़ मार्ग गूंज उठा। गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार और प्रदेश के प्रमुख शिवालयों तक करोड़ों शिवभक्तों की आस्था का महासैलाब देखने को मिला। इस बार 4.5 करोड़ से अधिक कांवड़ियों के यात्रा में शामिल होने का दावा किया गया है।
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई। कांवड़ मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, निगरानी और व्यवस्थाओं के चलते यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। बड़ी दुर्घटना के बिना यात्रा का पूरा होना प्रशासन की तैयारियों और सतर्कता को भी दर्शाता है।
प्रमुख शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव, अयोध्या के नागेश्वरनाथ और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे।
करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। हालांकि, व्यापक सुरक्षा इंतजामों और लगातार निगरानी के चलते कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में पूरी हुई।


