अब केवल जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ, गोंडा में 13,192 राशन कार्ड किए गए रद्द

shikha verma
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उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे पात्रता सत्यापन अभियान के तहत गोंडा जिले में बड़े पैमाने पर अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खाद्य एवं रसद विभाग ने जांच के बाद 13,192 राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई शासन की नियमित सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है। जांच में ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक पाई गई, जिन्होंने दो लाख रुपये से अधिक मूल्य का धान बेचा था, या जिनके परिवार में आयकरदाता सदस्य मौजूद हैं।

इसके अलावा चार पहिया वाहन रखने वाले, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक तथा 25 लाख रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार वाले परिवारों को भी राशन योजना के लिए अपात्र माना गया। आधार से जुड़े आंकड़ों और विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर इन लाभार्थियों की पहचान की गई।

अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद नियमानुसार इन राशन कार्डों का विलोपन किया गया है। विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभ को वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने की नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि अपात्र लाभार्थियों के हटने से पात्र गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से मिल सकेगा।

खाद्य एवं रसद विभाग ने यह भी कहा है कि सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका राशन कार्ड गलत तरीके से निरस्त किया गया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। शिकायतों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार, राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जरूरतमंदों के हित में बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे सत्यापन अभियान जारी रहेंगे।

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